वनभूमि से अतिक्रमण हटाने पर ग्रामीणों का चक्काजाम, पुलिस पर मकान तोड़ने का आरोपएंबुलेंस भी जाम में फंसी, ग्रामीणों ने की कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग

सीधी। जिले के कोल्हुडीह गांव में रविवार को वनभूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन पर गरीब परिवारों के कच्चे मकान और झोपड़ियां तोड़ने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई का विरोध किया। वहीं, वन विभाग ने इसे संरक्षित भूमि से अतिक्रमण हटाने की संयुक्त कार्रवाई बताया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 1 बजे पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम कोल्हुडीह गांव पहुंची। चुरहट रेंज के रेंजर नवीन सिंह के अनुसार, कार्रवाई के दौरान रामरती कोल, शुभम रावत, नितेश रावत, मिशी कोल सहित करीब 10 लोगों के कच्चे मकान और झोपड़ियां हटाई गईं। विभाग का कहना है कि उक्त भूमि संरक्षित क्षेत्र में आती है और वहां किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई।
इधर, ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से उक्त स्थान पर रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं। अचानक मकान हटाए जाने से उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
चक्काजाम के दौरान एक एंबुलेंस भी काफी देर तक जाम में फंसी रही। इससे उसमें सवार मरीज और उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कार्रवाई के दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता किए जाने के आरोप भी लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मकान हटाए जाने और चक्काजाम को लेकर ग्रामीणों तथा प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने मांग की कि उनके मकानों और भूमि से जुड़े मामले की जांच की जाए तथा प्रभावित परिवारों को न्याय दिया जाए। प्रशासन और वन विभाग की ओर से कार्रवाई के आधार और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात सामने आई है।
