कथित धर्मांतरण के मामले में मां-बेटी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल,नौकरी, एक लाख रुपये, मुफ्त शिक्षा और इलाज का प्रलोभन देने का आरोप; जमानत पर अधिवक्ता ने जताई आपत्ति

सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि धर्म परिवर्तन कर दूसरा धर्म अपनाने के लिए उन्हें नौकरी, एक लाख रुपये, मुफ्त शिक्षा और इलाज का प्रलोभन दिया गया था। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुष्पराज सिंह ने न्यायालय में दोनों महिलाओं की जमानत पर आपत्ति प्रस्तुत की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 12 अक्टूबर को जमोड़ी थाना पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों महिलाओं ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और धार्मिक पुस्तकें देने के साथ तीन हजार रुपये भी दिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने बुधवार शाम दोनों महिलाओं को अभिरक्षा में लिया। इसके बाद गुरुवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुष्पराज सिंह ने जमानत पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद न्यायालय ने दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया।
मामले को लेकर डीएसपी सीधी राघवेन्द्र द्विवेदी ने पुलिस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता पुष्पराज सिंह ने न्यायालय में जमानत का विरोध किया। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।
