सांसद और जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में राहुल गांधी का पुतला दहन, महज 47 लोगों के जुटने का दावा

सीधी। राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने उतरी भारतीय जनता पार्टी को सीधी में सीमित जनसमर्थन मिलने का मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को शहर के कलेक्ट्रेट चौराहे पर भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन में महज 47 लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। वहीं, प्रदर्शन स्थल पर वाटर कैनन की गाड़ी खड़ी रहने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं किया गया। इसको लेकर NSUI के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
विक्रांत सिंह ने भाजपा के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन करते हैं, तब प्रशासन की ओर से वाटर कैनन का तत्काल इस्तेमाल किया जाता है। इसके विपरीत भाजपा के प्रदर्शन में वाटर कैनन खड़ी रही और किसी कार्यकर्ता पर पानी की एक बूंद तक नहीं पड़ी। उन्होंने कहा कि जब सांसद और जिलाध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन में सीमित संख्या में लोग जुटे, तब भी वाटर कैनन का इस्तेमाल नहीं किया गया।
JNU विवाद को लेकर भाजपा का विरोध
भाजपा के इस प्रदर्शन को कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व ने संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांग रही है। भाजपा की ओर से महिला सुरक्षा और महिला अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग भी की जा रही है।
सीधी में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं। एक ओर भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन में जुटी भीड़ और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।
