सोनाचंल बस स्टैंड हटाने के विरोध में उतरे पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला,व्यापारियों और फुटपाथी दुकानदारों ने आवास पहुंचकर रखी मांग, 9 अक्टूबर को बस स्टैंड परिसर में होगी सभा

सीधी। सोनाचंल बस स्टैंड को हटाकर शॉपिंग मॉल बनाए जाने की प्रस्तावित योजना के विरोध में चल रहा आंदोलन अब सियासी समर्थन तक पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से बस स्टैंड को यथावत रखने और यहां से बसों का संचालन जारी रखने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे फुटपाथी दुकानदार और व्यापारी गुरुवार को भाजपा के पूर्व वरिष्ठ विधायक केदारनाथ शुक्ला के आवास पहुंचे।
इस दौरान आधा सैकड़ा से अधिक महिला-पुरुष व्यापारियों ने पूर्व विधायक से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। व्यापारियों ने कहा कि सोनाचंल बस स्टैंड हटाए जाने से चूड़ी-फेरी करने वाले छोटे दुकानदारों सहित अन्य फुटपाथी कारोबारियों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। बस स्टैंड पर बसों का संचालन बंद होने से यहां वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका है।
व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि व्यापारियों और छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने बस स्टैंड को यथावत रखने की मांग का समर्थन करते हुए आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहने की बात कही।
9 अक्टूबर को होगी सभा
सोनाचंल बस स्टैंड को बचाने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने आगामी 9 अक्टूबर को बस स्टैंड परिसर में सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। सभा के माध्यम से प्रशासन के समक्ष बस स्टैंड को यथावत रखने और बसों का संचालन जारी रखने की मांग रखी जाएगी।
बस स्टैंड हटाने को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि बस स्टैंड को हटाया गया तो इसका सीधा असर उनके कारोबार और परिवार की आजीविका पर पड़ेगा। अब आंदोलन को पूर्व विधायक का समर्थन मिलने के बाद प्रशासन के सामने इस मुद्दे को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।
