कन्या महाविद्यालय में छात्राओं का हंगामा, कार्यक्रम में जबरन शामिल कराने के आरोप पर NSUI-ABVP आमने-सामने

सीधी। शासकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार दोपहर उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में छात्राएं देवी अहिल्याबाई सभागार के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगीं। NSUI से जुड़ी छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं पर कार्यक्रम के नाम पर 200 से अधिक छात्राओं को सभागार के अंदर रोककर रखने और कथित तौर पर जबरन कार्यक्रम में शामिल कराने का आरोप लगाया। मामले को लेकर दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप था कि वे करीब एक घंटे तक सभागार से बाहर निकलने का प्रयास करती रहीं, लेकिन उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रा कोमल सिंह ने आरोप लगाया कि छात्राएं लगातार बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें अंदर ही रोके रखा गया। इस दौरान ABVP के पदाधिकारी एवं छात्र भी मौके पर मौजूद रहे, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मामला बढ़ने पर NSUI और ABVP से जुड़े छात्र-छात्राओं के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में छात्राओं के एकत्र होने से कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल निर्मित हो गया। प्रदर्शन में करीब 500 छात्राओं के शामिल होने की बात सामने आई है।
वहीं, ABVP से जुड़े छात्रों का कहना है कि कॉलेज में उनका कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और NSUI कार्यकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर NSUI के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने कहा कि संगठन का ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इसकी सूचना एक दिन पूर्व कॉलेज प्रशासन एवं कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित रूप से दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद ABVP कार्यकर्ताओं द्वारा जानबूझकर विवाद की स्थिति उत्पन्न की गई।
पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
विवाद और छात्राओं के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस बल कॉलेज परिसर पहुंचा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, जमोड़ी थाना प्रभारी केदार परउहा, चुरहट थाना प्रभारी रीता त्रिपाठी और कुसमी थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
करीब दो घंटे से अधिक समय तक छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहने से कॉलेज परिसर में गहमागहमी बनी रही। पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल दोनों संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच मामले को लेकर कॉलेज परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
