छुहिया घाटी में पुलिस टीम पर हमला, बंदी छुड़ाने की साजिश का आरोपी गिरफ्तार,उड़ीसा पुलिस के वाहन को घेरकर बदमाशों ने की फायरिंग, स्प्रे और बेसबॉल बैट से किया हमला; चार जिलों की पुलिस जांच में जुटी, दो वाहन बरामद

सीधी। जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र की छुहिया घाटी में 29 सितंबर को उड़ीसा पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया, फायरिंग की और स्प्रे का इस्तेमाल कर उन्हें काबू में करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में मौजूद बंदी आदित्य मिश्रा को जबरन छुड़ा लिया था। घटना के बाद सीधी सहित रीवा, मैहर और मऊगंज जिले की पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं।
पुलिस के अनुसार, उड़ीसा पुलिस बंदी आदित्य मिश्रा को प्रोडक्शन वारंट पर रीवा ला रही थी। इसी दौरान छुहिया पहाड़ की चढ़ाई पर कई वाहनों में सवार आरोपियों ने पुलिस वाहन को घेर लिया। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों के साथ डंडों और बेसबॉल बैट से मारपीट की। इसके बाद फायरिंग और स्प्रे कर पुलिस टीम को काबू में किया गया तथा बंदी को जबरन छुड़ाकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार जिलों की पुलिस टीमों को जांच में लगाया। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह बघेल को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टाटा हैरियर सहित दो वाहन बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा अब अन्य आरोपियों और घटना में इस्तेमाल किए गए दो अन्य वाहनों की तलाश की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस अधीक्षक सीधी संतोष कोरी ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सीधी के साथ रीवा, मैहर और मऊगंज पुलिस के बीच समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की संभावना है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि बंदी को छुड़ाने की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और हमले में इस्तेमाल किए गए अन्य वाहनों तथा हथियारों की व्यवस्था किसने की थी।
