पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद, विरोध में उतरे बस मालिक और फुटपाथ कारोबार,बस स्टैंड शिफ्टिंग को लेकर बढ़ा विवाद, कारोबारियों ने रोजगार प्रभावित होने की जताई चिंता; प्रशासन बोला- निर्णय पहले ही हो चुका था
सीधी। शहर के पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन गुरुवार से पूरी तरह बंद कर दिया गया। अब पुराने बस स्टैंड से संचालित होने वाली बसें नए बस स्टैंड से चलेंगी। बस संचालन के स्थान परिवर्तन के साथ ही बस मालिकों और फुटपाथ कारोबारियों का विरोध भी सामने आया है। कारोबारियों का कहना है कि पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों की आवाजाही से उनका कारोबार चलता था। बसों के नए बस स्टैंड स्थानांतरित होने से ग्राहक कम होने और रोजी-रोटी प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन ने कहा- निर्णय पहले ही लिया जा चुका था
बस स्टैंड शिफ्टिंग को लेकर एसडीएम प्रिया पाठक ने बताया कि पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन नए बस स्टैंड में स्थानांतरित करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। संबंधित लोगों की मांगों को देखते हुए करीब एक माह तक इसे रोककर रखा गया था। बारिश के मौसम को देखते हुए भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
एसडीएम के मुताबिक अब सभी संबंधित विभागों की सहमति के बाद निर्णय को लागू किया गया है। कलेक्टर के निर्देश और आरटीओ के प्लान के अनुसार पुराने बस स्टैंड से संचालित होने वाली सभी बसें अब नए बस स्टैंड से संचालित होंगी।
फुटपाथ दुकानदारों को नहीं हटाने की बात
पुराने बस स्टैंड परिसर में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कारोबारियों को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल उन्हें हटाने की कोई योजना नहीं है। एसडीएम प्रिया पाठक के अनुसार चूड़ी और अन्य सामान बेचने वाले फुटपाथ विक्रेता अपनी जगह पर कारोबार कर सकेंगे।
वहीं लालता चौक में मौजूद श्रमिकों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किए जाने की बात प्रशासन की ओर से कही गई है।
फुटपाथ कारोबारियों को कारोबार प्रभावित होने की चिंता
फुटपाथ विक्रेता सुनील चौधरी ने कहा कि पुराने बस स्टैंड पर आने-जाने वाले यात्रियों के कारण उनकी दुकानों पर ग्राहक पहुंचते थे। बसों का संचालन नए बस स्टैंड से शुरू होने के बाद पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में यात्रियों की संख्या कम होने की आशंका है। इससे चूड़ी और अन्य सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों की बिक्री प्रभावित हो सकती है।
बस मालिकों और कारोबारियों ने जताया विरोध
बसों का संचालन नए बस स्टैंड से शुरू किए जाने के विरोध में बस मालिकों और फुटपाथ कारोबारियों ने अपनी आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुराने बस स्टैंड को बंद कर यहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दबाव में बस स्टैंड को नए स्थान पर स्थानांतरित कराया गया है।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि बस स्टैंड स्थानांतरण का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था और संबंधित विभागों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे लागू किया गया है।
यात्रियों को भी बदलनी होगी व्यवस्था
पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद होने के बाद अब यात्रियों को नए बस स्टैंड से बसें पकड़नी होंगी। इससे पुराने बस स्टैंड के आसपास रहने वाले यात्रियों और लंबे समय से यहां से बसों में सफर करने वाले लोगों को नई व्यवस्था के अनुरूप अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
विरोध कर रहे बस मालिकों और कारोबारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पुराने बस स्टैंड से पूर्व की तरह बसों का संचालन बहाल किया जाए।
उन्होंने कलेक्टर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सांसद से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन का निर्णय लागू हो चुका है और बसों का संचालन नए बस स्टैंड से शुरू कर दिया गया है। दूसरी ओर, पुराने बस स्टैंड से जुड़े बस मालिक और फुटपाथ कारोबारी रोजगार व कारोबार प्रभावित होने की आशंका को लेकर विरोध जता रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली बातचीत से इस विवाद की दिशा तय होगी।
