प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ा, रस्सी से बांधने का वीडियो वायरलमहिला ने पुलिस से कहा- खुद बुलाया था प्रेमी, पति के साथ नहीं रहना; पति ने भी थाने में दिया आवेदन
सीधी। मड़वास थाना क्षेत्र के लोहझर गांव में प्रेमिका से मिलने पहुंचे एक युवक को कथित तौर पर परिजनों द्वारा पकड़कर रस्सी से बांधने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक युवक को पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के आधार पर युवक को बंधक बनाए जाने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में महिला के बयान दर्ज किए हैं और अब वायरल वीडियो व प्राप्त आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लोहझर गांव निवासी ममता सिंह (27) की शादी वर्ष 2016 में कमलेश सिंह के साथ हुई थी। महिला के दो बच्चे भी हैं। वहीं, जिस युवक को पकड़े जाने की बात सामने आई है, उसकी पहचान सचिन सिंह के रूप में हुई है, जो सिंगरौली जिले का निवासी बताया जा रहा है।
महिला के अनुसार, उसने ही बुधवार रात करीब 9 बजे सचिन को अपने ससुराल मिलने के लिए बुलाया था। युवक के घर पहुंचने की जानकारी परिजनों को होने के बाद उसे पकड़ लिया गया। महिला ने पुलिस के समक्ष बयान देते हुए कहा कि युवक को उसने स्वयं बुलाया था और उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती नहीं हुई।
महिला ने आरोप लगाया कि युवक के साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर करीब तीन घंटे तक रखा गया। महिला ने पुलिस के सामने यह भी कहा कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती और अपने प्रेमी के साथ जाना चाहती है।
रात में दोनों पक्षों के लोग पहुंचे थे मौके पर
मड़वास थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि मामला टिकरी चौकी क्षेत्र का है। घटना की जानकारी मिलने के बाद रात में ससुराल और मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे थे। महिला के बयान दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों से हस्ताक्षर करवाए गए और महिला को वहां से भेज दिया गया। उस समय किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत नहीं की गई थी।
पति ने थाने पहुंचकर दिया आवेदन
घटना के अगले दिन गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महिला के पति कमलेश सिंह थाने पहुंचे और लिखित आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने कहा कि वह अब अपनी पत्नी के साथ नहीं रहना चाहते, क्योंकि उनकी पत्नी का दूसरे युवक से प्रेम संबंध है।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल मामले में प्राप्त आवेदन, महिला के बयान और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को आधार बनाकर घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
