सीधी के में बदहाल व्यवस्था! कहीं पंखे बंद तो कहीं कर्मचारी लेट, जिला अस्पताल में ब्लीडिंग से पअस्पतालोंरेशान महिला ड्रिप लेकर पैदल पहुंची महिला

सीधी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के अलग-अलग अस्पतालों से सामने आ रही तस्वीरें सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं। मझौली अस्पताल में जहां मरीज और उनके अटेंडर गर्मी के बीच बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं, वहीं सिमरिया अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और ओपीडी कर्मचारियों के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आई है। सबसे हैरान करने वाली तस्वीर जिला अस्पताल सीधी से सामने आई है, जहां एक अस्वस्थ महिला को स्ट्रेचर तक नहीं मिला और वह हाथ में ड्रिप लगाए अपने परिजनों के सहारे करीब 100 मीटर दूर महिला वार्ड तक पैदल जाती दिखाई दी।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 6 बजे इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक महिला हाथ में ड्रिप लगाए अपने परिजनों के साथ पुरानी अस्पताल से नई अस्पताल की ओर जाती नजर आ रही है। महिला की हालत देखकर वह काफी अस्वस्थ दिखाई दे रही थी। उसके साथ अस्पताल का कोई वार्ड बॉय, नर्स या अन्य कर्मचारी नजर नहीं आया। परिजन ही महिला को संभालते हुए आगे बढ़ रहे थे और ड्रिप भी उनके हाथ में थी।
बताया गया कि महिला की पहचान राजकली कुशवाहा, निवासी ग्राम गोडाही के रूप में हुई है। महिला ने स्वयं बताया कि गुरुवार सुबह अचानक उसकी तबीयत खराब हुई थी और उसे ब्लीडिंग हो रही थी, जिसके बाद परिजन उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिमरिया लेकर पहुंचे। वहां उसकी हालत अधिक खराब होने के बाद उसे जिला अस्पताल सीधी रेफर किया गया। जिला अस्पताल में भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था।
महिला के अनुसार गुरुवार शाम करीब 6 बजे उसे पुरानी अस्पताल से नई अस्पताल स्थित महिला वार्ड में शिफ्ट किया गया। लेकिन इस दौरान उसे स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में वह हाथ में ड्रिप लगाए अपने परिजनों के सहारे पैदल ही दूसरे अस्पताल भवन तक पहुंची। अस्पताल के अंदर पहुंचने के बाद भी उसे तत्काल बेड नहीं मिल सका और वह जमीन पर लेटी हुई दिखाई दी। वीडियो में आसपास अस्पताल का कोई कर्मचारी मौजूद नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद परिजन महिला को निजी अस्पताल लेकर गए, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।
वहीं, मझौली अस्पताल की तस्वीर भी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां मरीज और अटेंडर गर्मी से परेशान नजर आए। अस्पताल में पंखों के स्विच चालू होने के बावजूद पंखे बंद पड़े होने की बात सामने आई है। मरीजों का कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल आने के बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
इसके अलावा सिमरिया अस्पताल में भी ड्यूटी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सुबह 9 बजे ड्यूटी का निर्धारित समय होने के बावजूद डॉक्टर, नर्स और ओपीडी से जुड़े कर्मचारी करीब 10 बजे अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में शुरुआती समय में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ता है।
पूरे मामले को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक खरे ने कहा कि जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, तब से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लंबे समय से चली आ रही कई कमियों को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. दीपा रानी के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया और कई कमियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि कमियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई है और व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाएगा। साथ ही जो भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
