जिला पंचायत में महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा, कलेक्टर को सुनाई खरी-खोटी
सीधी जिला पंचायत कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला ने कलेक्टर के सामने जमकर आक्रोश जताया और कथित तौर पर अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया। महिला का आरोप है कि बारिश के चलते उसका घर गिर गया था और वह अपनी समस्या को लेकर कई बार जनसुनवाई में अधिकारियों के समक्ष पहुंच चुकी है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिल सकी।
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बताया गया कि जिला पंचायत में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित की जाती है, जहां जिलेभर से लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। जनसुनवाई के बाद जैसे ही कलेक्टर कार्यालय से बाहर निकले, महिला उनके सामने पहुंच गई और अपने घर की समस्या को लेकर आक्रोश व्यक्त करने लगी।
महिला का कहना था कि बारिश के कारण उसका मकान गिर गया था। इसके बाद से वह लगातार प्रशासन के चक्कर काट रही है। महिला के अनुसार वह कई बार जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहुंच चुकी है, लेकिन उसकी समस्या का निराकरण नहीं किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने उसकी समस्या सुनने के बजाय उसे संबंधित ‘मैडम’ के पास जाने की हिदायत दी थी, जिससे वह नाराज थी।
कलेक्टर के बाहर निकलते ही महिला का गुस्सा फूट पड़ा। उसने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर को कथित तौर पर अपशब्द कहे। महिला के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। हालांकि, बाद में स्थिति को संभाल लिया गया।
महिला का कहना है कि जब बारिश में उसका घर गिर गया और परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई, तब उसने प्रशासन से मदद की उम्मीद की थी। कई बार शिकायत और जनसुनवाई में आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उसकी नाराजगी बढ़ती गई।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के निराकरण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जनसुनवाई का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध तरीके से समाधान करना है। ऐसे में यदि किसी पीड़ित महिला को अपनी समस्या के लिए बार-बार जनसुनवाई में आना पड़ रहा है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम के दूसरे पक्ष की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखना होगा।
