सड़क नहीं तो खाट बनी एंबुलेंस: छुहिया गांव में मरीज को खाट पर लादकर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल, वर्षों से सड़क की मांग अधूरी

सीधी जिला मुख्यालय से लगे कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छुहिया में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को डोली-खटोली का सहारा लेना पड़ता है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक बुजुर्ग मरीज को खाट पर लादकर अस्पताल की ओर ले जाते ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं।
वायरल पोस्ट पूजा शाह नाम की महिला द्वारा किया गया है। महिला का कहना है कि गांव में करीब 30 से 35 घर हैं और बड़ी संख्या में लोग यहां निवास करते हैं, लेकिन आज तक गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं बन सकी। उनका आरोप है कि नेता और अधिकारी समय-समय पर गांव में आते हैं, सड़क बनवाने के आश्वासन देते हैं और चले जाते हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बताया गया कि शुक्रवार को गांव निवासी रामपति शाह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके शरीर में तेज दर्द होने के साथ शरीर का एक हिस्सा काम नहीं कर रहा था। परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने खाट को ही एंबुलेंस बना दिया। मरीज को खाट पर लादकर ग्रामीण किसी तरह मुख्य मार्ग तक पहुंचे और फिर उन्हें जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल मरीजों तक सीमित नहीं है। बारिश के दौरान गांव के रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं। बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है। कई बार बच्चे और ग्रामीण फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और मांगों के बावजूद ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी पहल नहीं की गई।
मामले को लेकर जब सीधी जनपद पंचायत के सीईओ चंदूलाल पनिका से बात की गई तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि, “यह मेरा मामला नहीं है।”
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि छुहिया गांव की सड़क लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की समस्या का तय समय सीमा में समाधान नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ग्रामीणों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा और कब खाट की जगह एंबुलेंस गांव तक पहुंच सकेगी।
